यूपीएएसी के तैयारी में लगे सामान्य वर्ग के दोस्तों को खुला खत…

मेरे प्यारे दोस्तों…

आशा करता हूँ की आपको कुछ दिन पहले अधिकतम उम्र वाली बात पता चल गयी होगी लेकिन फिर भी लिख रहा हूँ.. अब आप 26 साल की उम्र में बूढ़े होने वाले हैं. कहता हूँ की आपको शिलाजीत और मूसली के सेवन की आदत भी डाल लेनी चाहिए. चूँकि आप 26 की उम्र में ही बूढ़े होने को चले हैं.
मैं भी आइएएस बनने का सपना पाल रखा हूँ, लेकिन जानता हूँ, मैं भी कुछ दिन बाद वही मुखर्जी नगर में झोला लटकाये और अपना मुँह लटकाये 6 घंटे की कोचिंग के बाद वापस कमरे पर आना है, खाना बनाना है, खाना है, और पढ़ाई करनी है और फिर…यही सोच रहा हूँ जो आप सब करते आ रहे हैं मुझे भी वही करना है शायद हो सकता ना भी करू क्योंकि सामान्य वर्ग से हूँ तो दिमाग इजाजत नहीं देता दिल तो देता है लेकिन फिर वही सामान्य वर्ग से हूँ न तो दिल का भी नही सुनना होता न…हम आवाज नहीं उठा सकते, हम सामान्य वर्ग के हैं न, हमारी सुनेगा कौन? और फिर हर एक चीज़ का एक कॉमन सा आंसर है 2000 सालों तक शोषण वाला, हमारा कोई प्रतिनिधित्व भी तो नहीं करेगा अम्बेडकर साहेब जैसे. न ही सामान्य वर्ग का कोई नेता आरक्षण के खिलाफ बोलेगा क्योंकि वोट चईये न, चईये की नहीं चईये? चईये चईये…
खैर छोड़िये. अम्मा बाबू जी को 80%भरोसा दिला दीजिये की, खेत खलिहान न बेचें, कुछ दिन में यूपीएससी वाले बाबा हम लोगों को कहीं का नहीं छोड़ेंगे. तो खेती का विकल्प खुला रहे तो अच्छा…हा प्रण कर लीजियेगा की आत्महत्या नहीं करेंगे. हम आप की मौत का मीडिया टेलीकास्ट नहीं करती. हमको आपको लाइमलाइट न मिलेगी. खामखाँ अम्मा बाबूजी टेन्सनिया जाएंगे. हार्ट वार्ट फेल हो गया तो और दिक्कत…
यूपीएससी की तैयारी करते वक़्त न जाने कितनी बार ख्याल आया होगा न कि, अगर नहीं हुआ इस बार भी तब? तो अब इस ख़याल को जीवित रूप में देखिये. 20 21 साल में आप ग्रेजुएट होंगे. पोस्ट ग्रेजुएट होने में 22 23 साल हो जायेंगे. 1 साल कोचिंग. उम्र हो गयी 23 24. और पहले अटेम्प्ट में आपकी मेरिट मारेगी, और दूसरे अटेम्प्ट में उम्र. फिर आप कहते फिरियेगा, साली उमर धोखा दे गयी बे! इसके बाद नशा मत शुरू कर दीजियेगा, गांजा चरस. जो बाकी रह गया होगा न वो भी चला जायेगा.
हमको आपसे कतई सिम्पैथी नहीं है. जब हमारे बाप दादाओं ने शोषण किया है तो हम फिर से यूपीएससी का सपना देख भी कैसे लिए. हम फिर से उनसे ऊपर कैसे हो सकते हैं? सरकार उनके साथ है, संविधान उनके साथ है,सब चीज़ें उनके साथ हैं. हम आप कर्ण हैं, और वो अर्जुन. हमारे साथ धोखा होगा हम हारेंगे. लेकिन जब बात उठेगी योद्धाओं की तो नाम होगा कर्ण. अर्जुन नहीं. कर्ण. याद रखिए.
चलिए छोड़िये. पेट से ही अपने बालकों को यूपीएससी की कोचिंग दिलवाइए. हो सकता है लड़का आइएएस बन जाए. लाल बत्ती ले आये।।

हिंदी लेखन के मामले थोड़ी कमजोर है सामान्य वर्ग से  आते हैं न तो थोड़ी अंग्रेजी को भी चाटना होता है।।

धन्यवाद
~ रौशन

Advertisements

2 thoughts on “यूपीएएसी के तैयारी में लगे सामान्य वर्ग के दोस्तों को खुला खत…

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s